Grand Adornment of Baba Mahakal with Silver Ornaments, Belpatra, and Rudraksha Garlands-m.khaskhabar.com
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बाबा महाकाल का रजत आभूषण, बेलपत्र और रुद्राक्ष की माला से भव्य श्रृंगार

khaskhabar.com: शनिवार, 13 जून 2026 10:40 AM (IST)
बाबा महाकाल का रजत आभूषण, बेलपत्र और रुद्राक्ष की माला से भव्य श्रृंगार
उज्जैन । श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार (ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी) को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। भगवान महाकाल को बेल पत्र और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर भव्य शृंगार किया गया। शनिवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, "जय श्री महाकाल" के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल का बेल पत्र, मुकुट और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर शृंगार किया गया।
महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात से ही बाबा के दर्शन करने के लिए लाइन में खड़े रहे।
जानकारी के मुताबिक महाकाल को पहले श्मशान की राख अर्पित की जाती थी लेकिन अब विशेष रूप से कपिला गाय के गोबर और औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार भस्म का उपयोग होता है। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है।
बाबा महाकाल की आरती देश-विदेश में मशहूर है, जिसे देखने के लिए जनसमान्य से लेकर बड़ी हस्तियां भी आती हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है।
--आईएएनएस

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