Advertisement
सावन का प्रथम सोमवार: ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में उमड़ा आस्था का सैलाब, शाही सवारी का श्रद्धालुओं को इंतजार

श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र दोपहर में निकलने वाली भगवान ओंकारेश्वर और भगवान ममलेश्वर की पारंपरिक शाही सवारी रहेगी। दोनों मंदिरों से भगवान के चल-विग्रह नर्मदा तट पर लाए जाएंगे, जहां पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजन के बाद नौका विहार कराया जाएगा। इसके बाद शाही सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगी। जगह-जगह श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत करेंगे और पूरा नगर शिवभक्ति में सराबोर दिखाई देगा।
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल टीम और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सावन के प्रथम सोमवार पर ओंकारेश्वर में आस्था, श्रद्धा और शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नर्मदा तट की आध्यात्मिक छटा, भगवान शिव के जयघोष और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने तीर्थनगरी को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है।
वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख में स्थित रावण मंदिर पर भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। माना जाता है कि रावण का जन्म इसी बिसरख गांव में हुआ था और यहां पर शिवलिंग प्रकट हुआ था इस वजह से इस गांव की मान्यता बहुत ज्यादा है। इसी मंदिर में बने शिवलिंग पर रावण ने अपना सर काट कर शिवजी के शिवलिंग पर चढ़ाया था इसी के बाद उसको 10 सिर की शक्ति प्रताप हुई थी
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
यह भी प�?े
जीवन मंत्र
Advertisement
Traffic



