Bhakti and Spiritual Fervor Mark Second Day of Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav in Snokhar Bhagalpur-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Jun 7, 2026 7:34 am
Location
 
   राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त

स्नोखर भागलपुर में भागवत कथा का भक्तिमय रस बरसा, सत्य और सत्संग का संदेश देकर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

khaskhabar.com: बुधवार, 03 जून 2026 10:44 AM (IST)
स्नोखर भागलपुर। पावन पुरुषोत्तम (अधिक) मास के शुभ अवसर पर स्नोखर भागलपुर की पुण्य धरा पर आयोजित द्वितीय दिवस के संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव में भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान परिवार द्वारा व्यासपीठ पूजन एवं परम पूज्य राष्ट्रीय संत, अध्यात्म कथा प्रवक्ता श्री बाल प्रभु जी महाराज (वृंदावन) का आशीर्वाद प्राप्त कर किया गया। इसके पश्चात महाराज श्री ने मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ करते हुए भगवान के श्रीचरणों में समर्पित मधुर भजन “जपूं सदा तेरा नाम कृपालु, कृपा करो” का गायन किया, जिससे समूचा पांडाल भक्तिरस में सराबोर हो उठा। कथा प्रवचन के दौरान महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रथम श्लोक पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सत्य के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सत्य ही सबसे बड़ा धर्म और तप है। संत वाणी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।” उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में सदैव सत्य का पालन करने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
अपने उद्बोधन में महाराज श्री ने ईर्ष्या और द्वेष जैसी नकारात्मक भावनाओं से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने अत्यंत सरल और प्रभावशाली उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मच्छर बाहर से काटता है, वैसे ही मत्सर (ईर्ष्या) मनुष्य को भीतर से खोखला कर देता है। मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग किया जा सकता है, किंतु मन के भीतर बसे मत्सर से मुक्ति केवल सत्संग, भक्ति और सद्विचारों के माध्यम से ही संभव है।
कथा के साथ-साथ प्रस्तुत हुए भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भगवान के नाम-स्मरण और संकीर्तन में डूबे भक्तजन ताली बजाते हुए भक्ति भाव में झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। संपूर्ण वातावरण जयकारों और हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं ने दिव्य आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
कार्यक्रम के अंत में पूज्य महाराज श्री ने कथा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, आयोजकों एवं सहयोगियों को आशीर्वचन प्रदान किए। साथ ही इस धार्मिक आयोजन के समाचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए खास खबर डॉट कॉम जयपुर परिवार के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव आगामी दिनों में भी भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का ऐसा ही अमृत बरसाता रहेगा, जिसकी प्रतीक्षा श्रद्धालुओं को उत्सुकता से है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement