Advertisement
बाबा महाकाल का राजा स्वरूप में शृंगार, भस्म आरती के बाद दर्शन कर भावविभोर हुए भक्त

सुबह भोर में भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही पूरे परिसर में 'जय श्री महाकाल' के जयकारे गूंज उठे। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।
बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे गोवर्धन पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि बाबा महाकाल का धाम दिव्य है। यहां मिलने वाले आध्यात्मिक अनुभव को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि आज हम सौभाग्यशाली रहे कि हमें संतों और ऋषियों के साथ बाबा की भस्म आरती में शामिल होने का मौका मिला। हमने उनकी ऊर्जा को महसूस किया और यहां से मैंने सभी भक्तों और दुनिया भर के लोगों के कल्याण के लिए बाबा से प्रार्थना की है।
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
यह भी प�?े
जीवन मंत्र
Advertisement
Traffic
Features


