Advertisement
हरियाली अमावस्या पर बाबा महाकाल का अलौकिक शृंगार, हरी भांग और बेलपत्र की माला से सजे देवाधिदेव

घंटियों की ध्वनि, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए बाबा का दिव्य स्वरूप को देखकर भक्त भावविभोर हो गए और पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह में बाबा महाकाल के दर्शन हुए। मान्यता है कि हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव की विशेष पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
वहीं, सावन माह होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक थी। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कतारों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
यह भी प�?े
जीवन मंत्र
Advertisement
Traffic
Features


