Baba Mahakal adorned with a Tripundra (sacred thread), a silver crown, a garland of skulls, and fresh fragrant flowers-m.khaskhabar.com
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त्रिपुंड, रजत मुकुट, मुंडमाला और ताजे सुगंधित फूलों से अलौकिक रूप में सजे बाबा महाकाल

khaskhabar.com: शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 10:53 AM (IST)
त्रिपुंड, रजत मुकुट, मुंडमाला और ताजे सुगंधित फूलों से अलौकिक रूप में सजे बाबा महाकाल
उज्जैन। श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि पर शुक्रवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शुक्रवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। बाबा को त्रिपुंड, रजत मुकुट, मुंडमाला और ताजे सुगंधित फूलों की भव्य मालाओं से अलौकिक रूप में सजाया गया। बाबा को दिव्य रजत (चांदी) का मुकुट धारण कराया गया। भगवान को रुद्राक्ष और पुष्पों के साथ-साथ विशेष मुंडमाला से सुसज्जित किया गया।
महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल ने मस्तक पर चंद्रमा धारण किया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने नवीन मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई।
महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है।

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