Baba Mahakal adorned in the form of Lord Krishna on Janmashtami; large numbers of devotees witness the divine spectacle-m.khaskhabar.com
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Oct 14, 2026 10:58 pm
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जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

khaskhabar.com: शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026 10:40 AM (IST)
जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उज्जैन । श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुक्रवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शुक्रवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिया। बाबा का श्रीकृष्ण भगवान के रूप में शृंगार किया गया।
महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है।
परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।

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