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Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

बिच्छू के शरीर में सांस लेने से जुड़े विशेष अंग होते हैं, जिनकी मदद से वह कठिन परिस्थितियों में अपनी श्वसन गतिविधियों को बेहद कम कर सकता है। इसी कारण उसके अंदर कुछ समय तक पानी के भीतर भी जीवित रहने की क्षमता देखी गई है। हालांकि, पानी में कितने समय तक कोई बिच्छू जीवित रह सकता है, यह उसकी प्रजाति और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए छह दिनों तक बिना सांस लिए जिंदा रहने का दावा हर बिच्छू पर लागू नहीं किया जा सकता।
यूवी लाइट में चमकने लगता है शरीर
बिच्छू की एक और दिलचस्प विशेषता है कि कई प्रजातियां अल्ट्रावायलेट (UV) रोशनी में चमकती हुई दिखाई देती हैं। अंधेरे में जब उन पर UV लाइट डाली जाती है, तो उनका शरीर नीले-हरे रंग की चमक जैसा दिखाई दे सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह चमक बिच्छू के बाहरी शरीर की परत में मौजूद कुछ रासायनिक यौगिकों के कारण होती है।
करोड़ों साल से धरती पर मौजूद है यह जीव.
बिच्छुओं का विकासवादी इतिहास भी काफी पुराना है। इनके पूर्वजों के जीवाश्म करोड़ों साल पुराने हैं। बदलते पर्यावरण और कठिन परिस्थितियों के बीच इनके जीवित रहने की क्षमता इन्हें प्रकृति के बेहद सफल सर्वाइवर्स में शामिल करती है।
हालांकि, बिच्छू को लेकर सोशल मीडिया पर कई बार ऐसे दावे भी वायरल होते रहते हैं जिनमें उसकी क्षमताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। मसलन, हर बिच्छू का एक बार भोजन करके ठीक एक साल तक जीवित रहना या हर प्रजाति का छह दिन तक पानी के भीतर बिना सांस लिए रहना वैज्ञानिक रूप से सार्वभौमिक तथ्य नहीं माना जा सकता।
फिर भी, बिच्छू की कम ऊर्जा में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता, कठिन परिस्थितियों को सहने की ताकत और UV रोशनी में चमकने वाला शरीर उसे दुनिया के सबसे दिलचस्प जीवों में जरूर शामिल करता है। यही खूबियां बताती हैं कि प्रकृति ने अलग-अलग जीवों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की कितनी अद्भुत क्षमता दी है।
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