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मानसून में खिल उठता है राजस्थान, बारिश के मौसम में इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों की करें सैर
राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू मानसून में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। बारिश के दौरान यहां की पहाड़ियां घने बादलों और हरियाली से ढक जाती हैं। ठंडी हवाएं और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को सुकून का एहसास कराते हैं। नक्की झील में नौकायन, दिलवाड़ा जैन मंदिर की अद्भुत वास्तुकला और सनसेट प्वाइंट से दिखाई देने वाला मनोरम दृश्य इस मौसम में और भी आकर्षक हो जाता है। फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान विशेष पसंद माना जाता है।
उदयपुर: झीलों की नगरी का मानसूनी आकर्षण
उदयपुर को झीलों का शहर कहा जाता है और मानसून के दौरान इसकी खूबसूरती अपने चरम पर पहुंच जाती है। पिछोला झील और फतेह सागर झील बारिश के बाद और भी मनमोहक दिखाई देती हैं। सिटी पैलेस की भव्यता और उसके आसपास फैली अरावली की हरियाली पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। रोमांटिक यात्रा, पारिवारिक अवकाश या शांत वातावरण की तलाश करने वालों के लिए उदयपुर मानसून में बेहतरीन विकल्प है।
बूंदी: इतिहास और प्रकृति का अनोखा संगम
बावड़ियों, महलों और प्राचीन किलों के लिए प्रसिद्ध बूंदी मानसून में अपनी अलग पहचान बनाता है। बारिश के बाद शहर के ऐतिहासिक स्मारकों की सुंदरता और अधिक निखर जाती है। तारागढ़ किला और जैत सागर झील के आसपास का प्राकृतिक दृश्य यात्रियों को लंबे समय तक याद रहता है। यदि आप भीड़भाड़ से दूर शांत और ऐतिहासिक स्थान की तलाश में हैं तो बूंदी एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकता है।
कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़: बारिश में और भी भव्य दिखते हैं ऐतिहासिक किले
इतिहास प्रेमियों के लिए कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़ मानसून के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। कुंभलगढ़ का विशाल किला बादलों और हरियाली के बीच बेहद शानदार दिखाई देता है। वहीं चित्तौड़गढ़ दुर्ग हल्की बारिश और धुंध के बीच किसी चलचित्र के दृश्य जैसा अनुभव कराता है। इन दोनों स्थलों पर इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत मेल देखने को मिलता है।
रणथंभौर: हरियाली के बीच रोमांचक वन्यजीव अनुभव
यदि आपको वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण से लगाव है तो रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान मानसून में शानदार अनुभव दे सकता है। बारिश के बाद जंगल पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं। बफर क्षेत्र में सफारी का रोमांच इस मौसम में और भी बढ़ जाता है। प्रकृति और वन्यजीवन के बीच समय बिताने वाले यात्रियों के लिए यह स्थान खास माना जाता है।
पुष्कर: आध्यात्मिकता और प्राकृतिक शांति का अद्भुत संगम
मानसून में पुष्कर का वातावरण बेहद शांत और मनमोहक हो जाता है। पुष्कर झील के किनारे बहती ठंडी हवा और आसपास स्थित मंदिरों का आध्यात्मिक माहौल यात्रियों को विशेष आकर्षित करता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान आदर्श माना जाता है।
जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और बीकानेर भी हैं शानदार विकल्प
राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित जोधपुर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे ऐतिहासिक शहर भी मानसून में घूमने के लिए बेहतरीन माने जाते हैं। बारिश के कारण तापमान सामान्य हो जाता है, जिससे किलों, महलों, संग्रहालयों और पारंपरिक बाजारों की सैर आरामदायक बन जाती है। इस मौसम में पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से इन शहरों की खूबसूरती को बिना अधिक भीड़ के करीब से महसूस किया जा सकता है।
मानसून में यात्रा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप बारिश के मौसम में राजस्थान घूमने जा रहे हैं तो मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। हल्के गर्म कपड़ों के साथ वर्षा से बचाव के लिए छाता या रेनकोट अवश्य रखें। पहाड़ी क्षेत्रों और प्राकृतिक स्थलों पर फिसलन हो सकती है, इसलिए आरामदायक और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनना बेहतर रहेगा। साथ ही, वन्यजीव अभयारण्यों और ऐतिहासिक स्मारकों के समय और नियमों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें ताकि आपकी यात्रा पूरी तरह सुखद और सुरक्षित रहे।
मानसून का मौसम राजस्थान को एक नए रूप में देखने का अवसर देता है। हरियाली से सजी अरावली की पहाड़ियां, पानी से भरी झीलें, बादलों में लिपटे ऐतिहासिक किले और ठंडी हवाओं का एहसास इस शाही प्रदेश की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। यदि आप इस वर्ष बारिश के मौसम में किसी यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं तो राजस्थान के ये पर्यटन स्थल आपके सफर को अविस्मरणीय बना सकते हैं।
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